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10 दर्दनाक तस्वीरें10 शहरों से : बूढ़ी मां के कदमों में टूट गई जवान बेटे की सांस; घाटों पर चिताएं ठंडी नहीं हो रहीं, कब्रिस्तानों में दो गज जमीन नहीं बची

 


 

 

फोटो भोपाल के भदभदा श्मशान घाट की है। यहां हर दिन 100-150 लोगों का अंतिम संस्कार हो रहा है, जबकि सरकारी आंकड़ों में पूरे जिले में केवल 10-12 मौतें ही दर्ज हो रही हैं।


हमारा मकसद आपको डराना नहीं है, बल्कि उस सच्चाई से रूबरू कराना है जिसे जानना आपके लिए जरूरी है। सरकारी फाइलों में दर्ज कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़ों से हकीकत कहीं ज्यादा भयावह है। आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि अब श्मशान घाटों पर चिताएं ठंडी होने से पहले बुझा दी जा रहीं, ताकि दूसरे का अंतिम संस्कार किया जा सके। कब्रिस्तानों में शव को दफन करने के लिए जगह तक नहीं बची।

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